आखिर क्या है चीन का हांगकांग चुनाव के लिए नया क़ानून ?

Spread the love

चीन ने हांगकांग चुनाव में बदलाव करते हुए सिर्फ उन लोगों को वोट देने योगये किया है जो की सिर्फ बेइजिंग के लिए भक्ति रखते हो। जिसके कारण थे फाइनेंसियल हब ऑफ़ थे वर्ल्ड बुलाये जान वाले हांगकांग पर चीन का दबदबा बन जाएगा। यह बड़ा फैसला राषपति सी जिनपिंग ने मंगलवार को लिया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बड़े बदलाव की वजह है की देशभक्त व्यक्तियों की जरिये ही स्थानीय निकायों का संचालन हो सके। जिसके कारण शहर की गवर्नेंस में नुक्सो को दूर किया जा सके। अब सिर्फ वो ही लोग चुनाव लड़ सकेंगे जिन्हे बेइजिंग के प्रति विश्वास होगा। इस फैसले को लेकर लोग हांगकांग में विरोध भी चल रहा है। चीन इससे पहले हांगकांग में एक नया सुरक्षा क़ानून भी लागू कर चूका है। लोगो ने इस क़ानून को भी लोकतान्त्रिक बताने के साथ साथ इसका विरोध भी किया था।

हांगकांग में विरोध की आवाजों को रास्ते से हटाने के लिए हांगकांग चुनाव चीन की और धकेले जा रहे और नए क़ानून लाये जा रहे है। दो साल पहले ही होगकोंग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का विरोध हुआ था और यह विरोध प्रदशन काफी लम्बे समय तक चले थे। नेशनल पीपल कांग्रेस ने मार्च के शुरुआत में ही हांगकांग चुनाव सुधर के प्लान में मंजूरी दे दी थी।

चीन की सरकारी एजेंसी के मुताबिक़ स्टैंडिंग कमिटी ने बहुमत से पआदेश को पारित किया है। इस नए क़ानून के चलते हांगकांगके संविधान में शुद्ध हो जाएगा। जिसके मुताबिक़ चुनाव लड़ने वाले किसी भी शख्स की उम्मीदवारी की विश्लेषण सिर्फ एक कमिटी की और ही की जाएगी। जिसके लिए एक स्पेशल इलेक्शन समिति बनाई जायेगी। जो की उम्मीदवारों की मॉनिटरिंग करके नेशनल अथॉरिटीज साथ काम करेगी। जिससे की असली देशभक्त उम्मीदवारों का पता लग सके।

1997 में ब्रिटैन ने हांगकांग को चीन के हाथो में सौप दिया था। जिसके बाद वहाँ दो सिस्टम के मुताबिक़ एक सरल लॉ फॉलो किया जाने लगा। जिसकी वजह से हांगकांग में चीन के दुसरे राज्यों के मुकाबले ज़्यादा स्वायत्ता थी। और अब क़ानून बदलने के चलते अब परिस्तिथिया और भी बदल जाएँगी।

Leave a Comment