अमेरिका में दिखाई दिया नसली भेदभाव का नक़ाब ,सैनिक को देशभक्त सिद्ध करने के लिए शर्ट उतारनी पड़ गयी।

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अमेरिका के बारे में यह सच्चाई है कि वह मनुष्य अधिकारों पर दुनिआ भर में सारे देशो को खरी कोठी सुनाता है सिर्फ यह ही नहीं बल्कि अमेरिका अपने थिंक टैंक पर और देशो के लिए रेटिंग पॉइंट्स भी देता है अमेरिका यह भूल जाता है कि उनके यहाँ कैसे अधकारो का अपमान होता है।

नई दिल्‍ली: मानव अधिकारों और नसलिये भेदभाव जैसे विषयो पर दुनिया भर को खरी कोठी सुनाने वाला अमेरिका से एक ऐसे खबर सुनायेंगे जो की उसके दोहरे मापदंड की सच्चाई बताती है।

ओहियो (अमेरिका का एक शहर ) जहा से तस्वीरें आई है, टाउन हॉल मीटिंग के दौरान Lee Wong नामक सैनिक ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसने यूनाइटेड स्टेट्स में चल रहे नस्लीय भेदभाव पर एक नयी चाप छोड़ दी।

अमेरिका का असली रंग :

सैनिक ने मीटिंग के दौरान अचानक से अपनी शर्ट उतारी और साड़ी चोटे मीडिया के सामने पेश की। यह साब मीडिया को दर्शाते हुए वह बस एक ही बात से प्रेरित थे की इतनी छोटे मीडिया को दर्शाने के लिए बहुत है या नहीं ? इन तस्वीरो में इतनी जान थी की इन्होने एशियाई मूल के खिलाफ चल रहे हिंसा के विचारो को भी जगा दिया।

अमेरिका की एक बेकार बात एहि है के वह मनुष्य अधिकारों पर पूरी दुनिया को खरी कोठी सुनाता है ये ही नहीं बल्कि वह की थिंक टैंक के ज़रिये सारे देशो पर रेटिंग पॉइंट्स से भी नज़र रखता है। इन् सब चीज़ो के बावजूद अमेरिका यह भूल जाता है की वह पर किस तरह से मनुष्य अधिकारों में दरारें पैदा करता है।

जब से कोरोना वायरस का संक्रमण अमेरिका में हुआ है , तभी से एशियाई मुल्को के नागरिको के प्रति हिंसा की घटनाये बढ़ती दिखी है। एक अध्यन के मुताबिक़, यह पाया गया है के 150 में एशिया-अमेरिकियों पर हमले के आंकड़ों में साफ़ 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यही नहीं बल्कि मार्च से सितम्बर के दौरान ऐसी 2500 हिंसा को बढ़ावा देने वाली घटनाएं भी सामने आयी।

इन बढ़ते नस्लीय हिंसा को कुछ रोज़ पुरानी एक वाकिये से भी समझा जा सकता है, हुआ कुछ ऐसा की एटलांटा में अंधाधुंध गुलिया बरसाई गयी थी जिसमें ८ लोगो ने अपनी जान गवाई। वह सभी महिलाएं थी और उनमें से ६ एशियाई मूल के निवासी थे।जरा सोचकर देखिये, जो देश नसल के आधार पर भेदभाव को बीमारी बता है, वही खुद इन बीमारियों से पीड़ित है। इन सबके बाद भी अमेरका अपने आप की तरफ मुड़कर भी नहीं देखता।

यूएस स्‍टेट डिपार्टमेंट अब मानव अधिकारों के बारे में जल्द ही रिपोर्ट पब्लिश करने वाला है जिसमें वोह दुनिआ के १९५ देशो को यह सिखाएगा कि मानव अधिकारों कर लोगो को किस तरह पालन करना चाहिए। इस ज़रिये वह देश भर अधिकारों और लोकतंत्र में समालोचन भी करेगा।

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